देखो ब्रम्हा और विष्णु महेश निकले

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

देखो ब्रम्हा और विष्णु महेश निकले ,

सारे संकट को हरने गणेश निकले ,

देखो ब्रम्हा की महिमा निराली है,

उनके संग मे सरस्वती विराजी हैं ,

उनके मुख से चारो वेद निकले,

सारे संकट

देखो विष्णु जी की महिमा निराली है ,

उनके संग में लक्ष्मी विराजी हैं ,

उनके हाथों से धन के कुबेर निकले,

सारे संकट

देखो भोले की महिमा निराली है ,

उनके संग में पार्वती विराजी हैं ,

उनकी जटा से गंगा की धार निकले,

सारे संकट

देखो रामजी की महिमा निराली है ,

उनके संग मे सीता जी विराजी हैं ,

इनके बाणो से रावण के प्राण निकले,

सारे संकट

देखो कृष्ण जी की महिमा निराली है ,

उनके संग में राधा जी प्यारी हैं ,

इनके मुख से गीता का ज्ञान निकले

सारे संकट को हरने गणेश निकले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।