ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिल गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिल गई

फिर भी मेरा दिल उदास रहता है

दुनिया की इस भीड़ में तुम बिन प्रभु

तन्हा तन्हा तेरा दास रहता है

ज़िन्दगी की हर ख़ुशी..............

नज़ारे खूब देखे हैं नज़र फिर भी तरसती है

वो सूरत देख ना पाऊं जो सूरत दिल में बस्ती है

तन मेरा कहीं रहे सांवरे मन तो मेरा तेरे पास रहता है

दुनिया की इस भीड़ में तुम बिन प्रभु

तन्हा तन्हा तेरा दास रहता है

करो सौदा मोहब्बत का तेरा उपकार हो जाए

मेरी साड़ी ख़ुशी ले लो तेरा दीदार हो जाए

तेरे दर्शन के बिना इस दिल में क्यों

इक अधूरा सा एहसास रहता है

दुनिया की इस भीड़ में तुम बिन प्रभु

तन्हा तन्हा तेरा दास रहता है

मैं तुमसे और क्या मांगू मुझे लौटा दो बस वो दिन

ये सब सुख है बेमतलब का मेरे बाबा तुम्हारे बिन

दूर है पर तू मुझे भूला नहीं सोनू को बस ये विश्वास रहता है

दुनिया की इस भीड़ में तुम बिन प्रभु

तन्हा तन्हा तेरा दास रहता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।