आरती सुन्दरकाण्ड की कीजे

पारंपरिक
हनुमान जी आरती हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आरती सुन्दरकाण्ड की कीजे,

श्री पंचम सौपान की कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

सरल श्लोक दोहा चौपाई,

गावत सुनत लगत सुखदाई,

निश्चय अरु विश्वास से कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

सुरसा सिंगीका लंकिनी तारी,

मिलत सिया सो लंका जारी

श्री मानस के सार की कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

चूड़ामणि ले पार ही आए,

सीता के सुधि प्रभु ही सुनाए,

ऐसे विद्यावान की कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

रावण लात विभीषण मारी,

आए शरण लंकेश पुकारी,

ऐसे रघुवर राम की कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

सकल सुमंगल दायक पढ़े जो,

बिनु जलयान तरे भव जग सो,

रसराज ह्रदय मानस की कीजे,

आरती सुंदरकाण्ड की कीजे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।