हे स्वागतम हे स्वागतम आओ जी आओ हे गणपति

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

महादेव है पिता तुम्हारे मात आधी शक्ति है भगवती

हे स्वागतम हे स्वागतम आओ जी आओ हे गणपति

गणपति जी के संग है आये बरह्मा विष्णु महेश जी

माँ गोरा माँ लक्ष्मी शारदा आरती करे गणेश जी

शुभ लाभ कार्तिक के महवीर आये संग तुम्हारे भेरो जती

हे स्वागतम हे स्वागतम आओ जी आओ हे गणपति

सर्व जनों के संकट हरता सर्व जनों के काज करे

ग्रेह मंडल सिंगाष्ण तुम्हारा तीनो लोक पे राज करे

यम पाश प्राणों को हरने से पेहले मांगे है तुम से वो अनुमति

हे स्वागतम हे स्वागतम आओ जी आओ हे गणपति

जय लम्बोदर जय मलूरेश्वर महा मन्त्र महा जाप है

आमंगल वाहा हो नही सकता गणपति याहा आप है

रा सिकंदर आह्वान करते देना सभी को सुख सम्पति

हे स्वागतम हे स्वागतम आओ जी आओ हे गणपति

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।