हथ जोड़ दे नाले मथा टेक दे

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हथ जोड़ दे नाले मथा टेक दे

जींद तेरा शुकर करे मेरे दातेया

अंग संग तेनु हर वेले तक दी,

जींद तेरा शुकर करे मेरे दातेया

रुतबा महान तेरा सब कोलो वध वे,

वेख वेख तेनु दिल होया गद गद वे,

ना मिसाल तेरी दूजी कोई ल्भ्दी

जींद तेरा शुकर करे मेरे दातेया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।