तेरे संग प्रीत जोड़ ली है जग से रीत तोड़ दी है, जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नित तेरा दीदार करू इक पल में सो बार करू,

मेरे नेनो में बस जाये तू बस यह इंतजार करू,

तेरे संग प्रीत जोड़ ली है जग से रीत तोड़ दी है,

जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको,

तेरी दीवानी मै हुई जग से बेगानी मै हुई,

देखे जमाना जब मुझे कैसी कहानी यह हुई,

लगी रे लगी मुजको तेरी लगन यह मन हुआ तुजमे मगन

जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको,

सोचु मैं जब जब सँवारे रिश्ता यह कैसा बन गया,

आखो के रास्ते तू मेरे दिल में ऐसा बस गया,

के तुज बिन जीना होआ मुस्किल संग संग तेरे धडक ता दिल,

जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको,

साथ ये छुते ना कभी ,मुझसे तू रूठे ना कभी,

डोरी यह बांधी प्रीत की,तुजसे यह टूटे ना कभी,

है अखियो मे तुम्हारे सपने तुम्हीहो मेरे अपने,

जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको,

नित तेरा दीदार करू......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।