माँ छगनी के दुलारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ छगनी के दुलारे श्री बाबोसा भगवान,

इनके नाम से जग में हम भक्तो की पहचान,

बाबोसा के चरणों से जो भक्त करीब है,

इस दुनिया में वो बड़े खुश नसीब है,

वो भक्त सदा ही पाये बाबा की कृपा से मान,

इनके नाम से जग में हम भक्तो की पहचान,

माँ छगनी के दुलारें.......

अपनो से हारे जब हम यही साथ आया,

संग रहे ये हर पल बनकर के साया,

हर संकट को मिटाकर भक्तो पे किया एहसान,

इनके नाम से जग में हम भक्तो की पहचान,

माँ छगनी के दुलारें......

करे दिल से शुक्रिया धन्यवाद थैंक्यू,

मिले हर जन्म में बाबोसा कहती ये रिंकु,

दिलबर तुमसे ही इज्जत ये शोहरत और सम्मान,

इनके नाम से जग में हम भक्तो की पहचान,

माँ छगनी के दुलारें......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।