सांवरे हमको अकेले कर गये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे हमको अकेले कर गये,

वाधा कर के किस तरह से मुकर गए

परसों का वाधा किया बरसे गई,

हम से सुंदर और कोई मिल गई

प्यार में उनके संवारिया फस गए

सांवरे हमको अकेले कर गये,

दर्द देके मरहम भी न दे गये

हम को गम की ख़ुशी से दे गये

रात दिन नैनो से आंसू झर गए

वाधा कर के किस तरह से मुकर गए

सांवरे हमको अकेले कर गये,

तेरी यादे नांगिन बन के डस गई

क्या करू कित जाऊ एसी फस गई,

तडपा कर के चोट दिल में कर गए

वाधा कर के किस तरह से मुकर गए

सांवरे हमको अकेले कर गये,

Singer --- brijkishori ji

Writter ---- Netrapal Aacharya ji

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।