श्याम संवारा श्याम संवारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारे का वो है सहारा वो खाटू श्याम हमारा,

चल खाटू श्याम के दर पे मसला सारा हल होगा

भरोसा श्याम पे है तो फिर तू ये मान ले बंदे

सबर को रखना मन में सबर का मीठा फल होगा

श्याम संवारा श्याम संवारा

तेरा मसला सारा हल होगा

आजा आजा आजा हम खाटू के दर पे जायेगे बाबा को दर्द सुनायेगे

है ल्ख्दातारी श्याम प्रभु हम भी झोली भर लायगे

जो बाबा के दर जाता बिन मांगे सब कुछ पाता है

सिर रख देंगे चोकठ पर श्याम बाबा की चोकठ पर

मान यकीन वो श्याम संवारा साथ तेरे हर पल होगा

श्याम संवारा श्याम संवारा

बाबा बाबा हारे का श्याम सहारा है हर हारा उसको प्यारा है

हर भगत श्याम का केहता है भगतो का श्याम दीवाना है

चल नाम लिखा दीवानों में बाबा जी के मस्तानो में

दीवनो का दीवाना है मस्तानो का मस्ताना है

जो जग से हार गया है जो जग में हार में हार गया है,

वही पे चल के सफल होगा

श्याम संवारा श्याम संवारा

देखो देखो देखो तुम दर ये श्याम का है

मुरली वाले घनश्याम का है

दरबार है श्याम धनि का ये खुशिया इस दर की दासी है

दुःख दर्द यहाँ पर कट ते है हर कष्ट याहा पर मिट ते है

नजरे तो मिला कर मांग जरा इसे अपना बना कर मांग जरा

लक्की साजिद केहते है सुख देव साजिद कहते है

अगर विश्वास अटल होगा

श्याम संवारा श्याम संवारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।