धरो महावीर का ध्यान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

धरो महावीर का ध्यान

तुम्हारे संकट विघ्न टले बोल बजरंग

मिट जाये अँधेरा जीवन का

और ज्ञान का दीपक जले बोल बजरंग

जीवन अमोला पाया है ये जग झूठी माया है

चार दिनों की देख चांदनी मूरख क्यों भरमाया है

रह जाये खज़ाना यहीं धरा तेरे संग न कोड़ी चले बोल बजरंग

धरो महावीर का ध्यान .............

भाई बी अंधु सब तेरे सुख में रहते हैं नेड़े

देख गरजते दुःख के बदल सबसे पहले दूर हेट

दुनिया की ऐसी रीत अँधेरा होता है दीपक तले बोल बजरंग

धरो महावीर का ध्यान .............

कांटो से है जीवन भरा संभल के रखना पाँव ज़रा

उजाड़ ना जाये एक पालक में चमन ये तेरा हरा भरा

कहे भक्त मंडल प्रभु भक्ति से तुझे मुक्ति का मार्ग मिले बोल बजरंग

धरो महावीर का ध्यान .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।