भोले शंकर डमरू वाला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले शंकर डमरू वाला गले में है सर्पो की माला

हो पर्व तुम ने किया कमाल

पेहने शेरो की खाल

मैं हु भगत तुम्हारा बाबा

अरे दुनिया सारी तुम्हरे पीछे चले है ओ बाबा

कर दुआ हमे भी दे दो थोड़ी किरपा तुम्हारी ओ बाबा ओ बाबा

कैसे सीधे साधे तुम कैसे भोले भाले

जो भी मन से मांगे तुमसे सब कुछ पा ले

तुम्हरी किरपा से हु मैं निहाल

मैं हु भगत तुम्हारा बाबा

तुमने असुर संगारे तुमने पापी मारे ओ बाबा

त्रि नेत्र जो खोलो काँपे है ये लोक सारे

कलयुग आया पाप है छाया क्रोध दिखावा बाबा

सब दुष्टों को भस्म करो और सबक सिखाओ बाबा

करदो भोले धमाल

मैं हु भगत तुम्हारा बाबा

भोले भंडारी ओ जटा ओ धारी ओ बाबा

न हो सन्यासी न हो संसार ओ बाबा

तुम्हरी महिमा तुम्हरे करतब बाबा कोई न जाने

सारे जगत पे किरपा करते पर बन ते अनजाने

तुम्हरी किरपा से दुर्गा निहाल

मैं हु भगत तुम्हारा बाबा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।