माँ छगनी के दुलारे श्री बाबोसा भगवान

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॥ पावन पाठ ॥

माँ छगनी के दुलारे , श्री बाबोसा भगवान

इनके नाम से जग में , हम भक्तो की पहचान

माँ छगनी के दुलारे ...

बाबोसा के चरणों से जो , भक्त करीब है

इस दुनिया मे वो , बड़े खुश नसीब है ।

वो भक्त सदा ही पाये , बाबा की कृपा से मान

इनके नाम से जग में , हम भक्तो की पहचान

माँ छगनी के दुलारे ...

अपनो से हारे जब हम , यही साथ आया

संग रहे ये हरपल , बनकर के साया

हर संकट को मिटाकर , भक्तो पे किया एहसान

इनके नाम से जग में , हम भक्तो की पहचान

माँ छगनी के दुलारे ...

करे दिल से शुक्रिया , धन्यवाद , थैंक्यू

मिले हर जन्म में बाबोसा , कहती ये रिंकु

दिलबर तुमसे ही इज्जत , ये शोहरत ओर सम्मान,

इनके नाम से जग में , हम भक्तो की पहचान

माँ छगनी के दुलारे ...

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीप सिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र .

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।