जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्ते दार है

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॥ पावन पाठ ॥

जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्ते दार है

उनसे तो प्यार है हम से टकरार है,

वो मैया केहते है हम भी मैया केहते है

वो भी सेवा करते है हम भी सेवा करते है

हम तो छोटे मोटे भिखारी वो जागीदार है,

उनसे तो प्यार है हम से टकरार है,

वो भी है परिवार तेरा ये भी है परिवार तेरा

उनको भी आधार तेरा हम को भी आधार तेरा

हम तो तेरे दर के नोकर वो क्या हिसे दार है,

उनसे तो प्यार है हम से टकरार है,

वो दर पे जाते है हमभी दर पे जाते है

वो भी मांग के लाते है हम भी मांग के लाते है,

देख देख कर झोली भरती तू कैसी दातार है

उनसे तो प्यार है हम से टकरार है,

उनको भर भंडार दिया उनको छफड फाड़ दियां जब आई मेरी वारी अपना पल्ला झाड दियां

उन भगतो का तेरे साथ में चलता क्या व्यपार है

उनसे तो प्यार है हम से टकरार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।