मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बात में है ये सचाई के झूठा मेरा उपदेश नही

मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही

मेरे संवारे सेठ की नगरी में इक अजब सी रोनक दिखती है,

सारी दुनिया मेरे बाबा को हारे का सहारा केहतीं है

मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही

सब भगत याहा पर हिल मिल कर आपस में सभी से केहते है,

उस देश की क्या तारीफ करू जिस देश में बाबा रेहते है

मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही

याहा श्याम प्रभु ने भगतो को जो माँगा वो वरदान दिया,

मेरे श्याम की क्या तारीफ करू अपने ही शीश का दान दिया

मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।