राम धुन गायी के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम धुन गायी के गोपाल धुन गाये के

तुलसी मगन बयो राम धुन गाये के गोपाल धुन गाये के

कोई चड़े हाथो घोडा पालकी सजाई के

कोई साधू चले नंगे पाओ चीटिया बचाई के

राम धुन गायी के गोपाल धुन गाये के

कोई खाए सिरा पुरी हलवा मंगाई के

साधू खाए रुखा सुखा श्याम को धराये के

राम धुन गायी के गोपाल धुन गाये के

कोई हॉवे न्याल धन मान पान खाई के

न्याल बेहयो तुलसी चित राम ने लगाई के

राम धुन गायी के गोपाल धुन गाये के

तुलसी मगन बह्यो राम धुन गाई के

राम धुन गायी के गोपाल धुन गाये के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।