राम की महिमा न्यारी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

एक का मतलब एक राम है दो से दुनिया दारी,

तीन से तीनो लोक चलत है राम की महिमा न्यारी,

चार से चारो धाम पांच से पांचो तख्त बलधारी,

जैसे छाओ धुप साथ से साधु संगत सारी,

सत्संगी वचनो से सुन कर मन होता सुखहारी ,

तीन से तीनो लोक चलत है राम की महिमा न्यारी,

आठ से आठो याम है पूजा नो से शुभ नवराते,

दस से दसो दिशाएं राम की और झूठी सब बाते,

राम शरण में इक दिन जाना सब को बारी बारी,

तीन से तीनो लोक चलत है राम की महिमा न्यारी,

ग्यारा की गिनती से गंगा शिव के शीश विराजी,

बारहा से भरमा और विष्णु हो जाते है राजी,

भागी रथ के जैसा घर में बन देख पुजारी,

तीन से तीनो लोक चलत है राम की महिमा न्यारी,

कभी न साथ निभाये तेरी मोह माया की गिनती,

बन जाएगा काज विरागी करले प्रभु से विनती,

सब के ही भंडार भरे वो सबका है भंडारी,

तीन से तीनो लोक चलत है राम की महिमा न्यारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।