मेरे लाल दयाल तू आजा दुखियां दे

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे लाल दयाल तू आजा दुखियां दे दर्द मिटा जा संगत पुकार दी

तेरे हथ विच चाभी ओ दाता सारे संसार दी

मेरे लाल दयाल तू आजा दुखियां दे दर्द मिटा जा

सब की फरयाद सुन ते है मेरे बावा लाल जी

खाली झोली भर देते है मेरे दीन दयाल जी

तेरे दर दे असी भिखारी तेरे नाम दी चडी खुमारी मेरे योगी राज जी

तेरे हथ विच चाभी ओ दाता सारे संसार दी

कण कण विच वास है तेरा मेरे सतगुरु प्यारेया

अपने भगता नु दाता तू दर ते बुला लिया,

तेरे कोल दया दे सागर मेरी भर दे खाली गागर

तू ते दुनिया तार ती

तेरे हथ विच चाभी ओ दाता सारे संसार दी

मैं दर तेरे दियां सिफता दाता सुनिया बथेरिया

दीन दयाल तू करदे मेरिया आसा पुरियां

तेरे नाम दी ज्योत जगावा बस तेरा नाम ध्यावा

तेरी करा मैं आरती

तेरे हथ विच चाभी ओ दाता सारे संसार दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।