जय जय श्री राधे जू मैं शरण तिहारी

पारंपरिक
अन्य आरती विविध भजन aarti
॥ पावन पाठ ॥

जय जय श्री राधे जू मैं शरण तिहारी

लोचन आरती जाऊँ बलिहारी

जय जय....

पीत पिताम्बंर ओड़े निली सारी

सीस पे सैंंदूर जाऊँ बलिहारी

जय जय....

रतंन सिंहासन बैठे श्री राधे

आरती करें हम पिये संग जोरी

जय जय....

झलमल झलमल मानीक मोती

अब लख़ मुनि मोहे पिये संग जोरी

जय जय....

श्री राधे पद पकंज भगती की आशा

दास मनोहर करत भरोसा

जय जय श्री राधे जू मैं शरण तिहारी

लोचन आरती जाऊँ बलिहारी

जय जय....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।