मेरी श्याम ने पकड़ी कलाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी श्याम ने पकड़ी कलाई दरद मेरी नस नस में,

मेरी श्याम ते हो गई लड़ाई धडक मेरी नस नस में,

पनघट पे गई नीर भरन ने तोड़ गई मेरी मटकी

छीना झपटी में पनघट लागी कमर मेरी लचकी

मने मिली न कोई भी दवाई दर्द मेरी नस नस में

मेरी श्याम ने पकड़ी कलाई....

ये भागो में फूल तोड़ने छुपा लेगा लड़ीया,

साड़ी फूल तोड़ भगावे नटखट श्याम सांवरियां,

इस के मैया से शिकायत लाइ दर्द मेरी नस नस में

मेरी श्याम ने पकड़ी कलाई

छुप के से आया घर में और कर लियां माखन चोरी

अकड लगा के श्याम ने मरोड़ी ऊँगली मेरो

मेरी सखियाँ करती हसाई दर्द मेरी नस नस में

मेरी श्याम ने पकड़ी कलाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।