भज रघुवर श्याम युगल चरना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

एक के हाथे धनुष विराजे,

एक तो मुरली अधर धरना

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

एक को चित्रकूट नित राजे,

मधुवन एक विहार करना ,

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

एक तो जानकी संग विराजे,

एक तो राधा श्रृंगार करना ,

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

एक के कनक किरीट विराजे,

एक तो मोर मुकुट धरना,

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

राम श्याम बिच भेद कुछ नाही,

दोऊ भक्त हृदय हरना,

भज रघुवर श्याम युगल चरना,

द्वारा :योगेश तिवारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।