शिर्डी वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे

जन्मो का भूखा मेरी भूख मिटा दे,

जन्मो का प्यासा मेरी प्यास बुजा दे

श्रधा की रोटी खिला दे सबुरी वाला पान भी खिला दे

रुखी सुखी कुछ भी खिला दे

उधि का जादू उस में मिला दे,

रूह भी नाचे मेरी आज सबुरी वाला पानी पिला दे

सारे जगत का पालन हारा,

भूखे प्यासों का है साहारा

पीस राहा है चकियाँ सबुरी वाला पानी पिला दे

कलयुग में है साईं आया

शरदा सबुरी का पाठ सिखाया

कैसे करू मैं गुणगान सबुरी वाला पानी पिला दे

शिर्डी वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे

जन्मो का भूखा मेरी भूख मिटा दे,

जन्मो का प्यासा मेरी प्यास बुजा दे

श्रधा की रोटी खिला दे सबुरी वाला पान भी खिला दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।