मुझे श्याम ही संभाले जग जाणदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे श्याम ही संभाले जग जाणदा,

वो ही सब काम मेरे करता,

अब मिलता सहारा मुझे हर हाल में,

खाटू वाला संग मेरे चलता,

सांवरा है संग मेरे चलता

पता नही जी कैसे इंतज़ाम करता है,

मुश्किल राहों को भी ये आसान करता है,

जब भी संकट का कोई बादल सा छा जाता,

बरसने से पहले खाटू वाला आ जाता,

मैं ता जाणदा हा मेरे नाल निभानी है तू ही,

नैया पार जो लगावे ओह माझी है तू ही,

मुझे फिकर नही अब किसी बात की,

जब मेरी चिंता तू करता,

मुझे श्याम ही संभाले जग जाणदा,

वो ही सब काम मेरे करता,

अब मिलता सहारा मुझे हर हाल में,

खाटु वाला संग मेरे चलता,

सांवरा है संग मेरे चलता.....

तू ही मेरा धन तू ही दौलत मेरी है,

तेरे नाम ही लिख दी मैंने जिंदगी मेरी है,

सांसे भी जो चल रही बदौलत तेरी है,

तेरे बिन चल पाऊं क्या औकात मेरी है,

हारी बाज़ी को तूने ही जिताया है प्रभु,

मेरे सपनों को सच कर दिखाया है पभु,

रूल जाता आशु दुनिया की भीड़ में,

गर तू कृपा ना करता

मुझे श्याम ही संभाले जग जाणदा,

वो ही सब काम मेरे करता,

अब मिलता सहारा मुझे हर हाल में,

खाटु वाला संग मेरे चलता,

सांवरा है संग मेरे चलता.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।