मेरा हो गया सुहागना च ना

पारंपरिक
महादेव भजन बावा लाल दयाल भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा हो गया सुहागना च ना बावा लाल जी ने बाह फड लई

मैं ते लख लख शुकर करा बावा लाल जी ने बाह फड लई

जी करदा तेनु वेखी जा इक पल भी न अखियो दूर करा

तेरे इस नुरानी चेहरे नु मैं मन मंदिर विच वसा रखेया

मेरा हो गया सुहागना च ना बावा लाल जी ने बाह फड लई

मेरे सतगुरु भोले भाले ने बड़ा कर्म कमावन वाले ने

एह सब दी झोली भरदे ने जेह्डा कदम एहना दी आ गिरियाँ

मेरा हो गया सुहागना च ना बावा लाल जी ने बाह फड लई

मुरशद ने भरेया कासा ऐ,

रहे थोड जरा भी न मासा ऐ,

मेनू मंगना पेया नही दर दर तो ऐसा खैर सखी ने पा छड़ेया

मेरा हो गया सुहागना च ना बावा लाल जी ने बाह फड लई

मैं होर किसे तो की लेना तेरे नाम दा अमृत पी लेना

तेरे दर दी चोखट मली ऐ नही जिन्दगी च कुछ होर चाहिदा

मेरा हो गया सुहागना च ना बावा लाल जी ने बाह फड लई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।