खाटू का जादू ऐसा सर जिसके चढ़ जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू का जादू ऐसा सर जिसके चढ़ जाए,

पत्थर दिल वाला भी तेरे दर पे आँसू बहाए,

खाटु का जादू ऐसा...

श्याम बगीची की वो महिमा सारा जग है जाने,

माटी में सब लोट लगाते बाबा तेरे दीवाने,

बेटा जैसे बाप की गोद में सर रख कर सो जाए,

खाटु का जादू ऐसा.

तेरे दर का ओ सांवरिया ऐसा नशा चढ़ जाता,

बिन पर के जैसे एक पंछी देखो उड़ नहीं पाता

मछली जैसे बिन पानी के तड़प तड़प मर जाए,

खाटु का जादू ऐसा...

तू हारे का सहारा बाबा इसीलिए कहलाता,

एक बार जो दिल से पुकारे लीले चढ़ के आता,

मेरे तो परिवार का मुखिया तू ही घर को चलाए,

खाटु का जादू ऐसा.....

तेरे अहसानो का बदला चुका नही मैं पाँउ,

ले लूँ चाहें जितने जन्म मैं कर्ज उतार ना पाँउ,

मिलता सबकुछ तेरे दर से जो धीरज कर जाएं,

खाटु का जादू ऐसा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।