मेरे सिर पर तेरा साया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सिर पर तेरा साया

हर दुःख मेरा तुमने लिया है

इतना ज्यदा मुझको दिया है झोली में न समाया

मेरे सिर पर तेरा साया

तेरी किरपा से ही मेरी चलती है ये सांसे,

वर्ना मेरी इस दुनिया में रेह जाती बस यादे

इक ही पल में जाने तुममें कैसा करिश्मा दिखाया

मेरे सिर पर तेरा साया

पत्थर बन कर ठोकर खाता

भटक राह तब जगत में

कांटा बन कर सब की नजर में अटक रहा था जग में,

तेरा कर्म है शाम जो तुमने अपना मुझको बनाया

मेरे सिर पर तेरा साया

कैसे बुलाऊ एहसान तेरा तुम ने किया जो मुझपर

मुझको पारस में डाला है मैं तो था इक पत्थर

शर्मा को धरती में से उठा कर अम्बर तक पोहंचाया,

मेरे सिर पर तेरा साया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।