हर पल तेरा शुक्र करूं माँ

शाम सुंदर' सेवक' 9213972850
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हर पल तेरा शुक्र करूं माँ बिन मांगे तूने सब है दिया

जब जब डोली जीवन नैया तुमने आकर थाम लिया

चादर छोटी पड़ने ना दी चाहे जितने पसारे पांव

जब भी जलाए धूप दुखों की करती हो ममता की छांव

होठों को मुस्कान सदा दी गम का जाम ना पीने दिया

जब जब डोली....

सुख दुख आते जाते रहेंगें चिन्ता मैं भला क्यूं करूं

सर पे मेरे सदा हाथ तुम्हारा फ़िर माँ किसी से मैं क्यूं डरूं

जग में सदा मेरी शान बढ़ाई सर मेरा झुकने ना दिया

जब जब डोली.....

करता रहूं गुणगान मां तेरा इतनी मां किरपा करना

ऊंचा ना बोलूं मैं किसी से बोली में मेरी रस भरना

छोड़ के दुनिया 'सेवक' ओ पी माँ से नाता जोड़ लिया

जब जब डोली जीवन नैया......

गायक: ओ पी सचदेवा 9810765637

लेखक :शाम सुंदर' सेवक' 9213972850

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।