अखियाँ निष् दिन बेहती जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अखियाँ निष् दिन बेहती जाए

इक पल चैन न पाए श्याम बिन

देखे बिना गबराए,

निष् दिन बेहती जाए

दामनी की दमकन से छीन छीन विरहा गाज गिराए,

घन की गर्जन सुन व्याकुल व्रिग सा वन ऋतू आये

निष् दिन बेहती जाए

गिन गिन तारे गई आवनी जब से नैन मिलाये

निर्मोही सु नेहा लगा कर क्यों मुझको तडपाये

निष् दिन बेहती जाए

राह तकत अखियाँ पथराई नैनन चैन ना आये

दर्श दीवाने ये मन माने,

नैना नीर बहाए,

निष् दिन बेहती जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।