नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा

पारंपरिक
महादेव भजन जैन भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा ।

हम भक्तों को दरश दिखाना होगा,

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा ॥

तेरे दर पे भैरव मेरे, सब मिल आते हैं,

तेरे दर पे दादा मेरे, सब मिल आते हैं,

भक्ति के गीतों से तुमको रिझाते हैं,

झूम झूम तुमको भी गाना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा,

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा..

मेरे इस जीवन मे भैरव, छाया अंधियारा हैं,

मेरे इस जीवन मे दादा, छाया अंधियारा हैं,

सारी दुनिया छोड़ के आए, तु ही सबसे प्यारा हैं,

जीवन से दुःख को हटाना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा,

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा..

सब भक्तों को मेरे दादा, तेरा ही सहारा हैं,

सब भक्तों को मेरे दादा, तेरा ही सहारा हैं,

भवंरो में डोले नैय्या, मिलता ना किनारा हैं,

नैय्या को भव से पार लगाना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा,

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा,

डम डम डमरू बजाना होगा..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।