साईं बाबा के धाम जो आया है

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॥ पावन पाठ ॥

साईं बाबा के धाम जो आया है

चरनो में साईं के शीश झुकाया है

ओ जिसने साईं को दुखड़ा सुनाया है

साईं ने उस पर सुख बरसाया है,

उसपे साईं बाबा ने कर्म कर दिया

दामन खाली खुशियों से भर दियां

हो नाथ साईं ने दुखड़ा मिटाया है

खुशियों से घर उसका मेह्काया है

श्रधा भाव से आजा साईं की शरण

और साईं नाथ के पकड़ ले चरण

साईं जी के द्वार से खाली न जाएगा

बिना मांगे सभी कुछ पा जाएगा

नाथ साईं ने गले लगाया

अपनी किरपा से गम को मिटाया है

साईं बाबा के धाम जो आया है चरनो में साईं के शीश जुकाया है

साईं धाम से कोई सवाली गया नही है कभी भी खाली

राजा हो या रंक शाह या फ़कीर

जागी है याह सभी की तकदीर

बड़े रेहम दिल है साईं नाथ जी

सभी अनाथो के ये नाथ जी

साईं महिमा को जिस ने गाया है

साईं बाबा ने सुख बरसाया है

साईं बाबा के धाम जो आया है चरनो में साईं के शीश जुकाया है

श्रदा और सबुरी ने जिस ने किया याद पल में साईं नाथ जी ने सुनी है फरयाद,

ये फकीर करता है फिकर सब की खाली नही जाती है दुआए किसी की

जो इनके चरणों में ध्यान लगाया है उनके गमो को पल में मिटाया है

साईं बाबा के धाम जो आया है चरनो में साईं के शीश जुकाया है

बात मेरी मान आजा साईं धाम

भगती भाव से रट ले साईं जी का नाम

साईं नाथ तेरी जब खबरियां लेंगे

खुशियों से घर आँगन तेरा भरे गे

इक बार आके इनसे कर ले इन्तजार

पूरी हो जायेगी तेरी हर इक दुआ

लिए आँखों में अनसु जो आया है

साईं महिमा से वो मुस्काया है

साईं बाबा के धाम जो आया है चरनो में साईं के शीश जुकाया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।