ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में

पं पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में ,

क्या लायो माटी में मिल जायगो माटी में,

एक दिन काया तेरी मिल जाएगी काठी में,

पानी का बबूला है, मिल जायेगो पानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

क्यों करता मेरा मेरा यहाँ कुछ भी नहीं है तेरा,

एक दिन होगा भैया तेरा मरघट में डेरा ,

कछु कमाई के लेजा रे ऐसी जिंदगानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

कर सच्ची भक्ति है भक्ति में शक्ति है,

या भक्ति से भैया मिल जाएगी मुक्ति है ,

तेने बालापन खोयो यो आनाकानी में ,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

स्वर - पं पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।