विधना तेरे लेख किसी की समज न आते है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

विधना तेरे लेख किसी की समज न आते है,

जन जन के प्रिये राम लखन सिया वन को जाते है,

एक राजा के राज दुलारे वन वन फिरते मारे मारे,

भुनी हो कर रहे कर्म कति डरे नहीं काहू के टारे,

सबके कष्ट मिटाने वाले कष्ट उठा ते है,

जन जन के प्रिये राम लखन सिया वन को जाते है,

पग से बहे लहू की धारा हरी चरणों से गंगा जैसे ,

संकट सहज भाव से सहजे और मुकाते है,

जन जन के प्रिये राम लखन सिया वन को जाते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।