सिया राम तुम्हारे चरणों में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सिया राम तुम्हारे चरणों में यदि प्यार किसी का हो जाए।

दो चारों की तो बात ही क्या संसार उसी का हो जाए।।

शबरी ने कहां थे वेद पढ़े गणिका कब यज्ञ कराती थीं।

जिसमें छल द्वेष का लेश नहीं ये मुरार उसी का हो जाए।।

रावण ने प्रभु से बैर किया अब तक भी जलाया जाता है।

बन भक्त विभीषण शरण पड़े घर बार उसी का हो जाए।।

प्रहलाद तो छोटा बालक था पर प्यार किया परमेश्वर से।

संसार का होकर क्या लेना इक बार उसी का हो जाए।।

संगीत और स्वर ------राजकुमार भारद्वाज

मो। 90 3458 1000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।