अर्जी सुनो अब मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब मन ये गबराता है मिलता न साथ में कोई

तुही मेरा सब कुछ तू ही मेरी यारी यही अरदास है मेरी ,

तुझ बिन जीना पाऊ मैं बाबा कभी भी न रूठना तू मुझसे

सब को दिया है तुम ने सहारा आस लगाऊ मैं तुम से ओ बाबा मेरे अर्जी सुनो अब मेरी

ओ बाबा मेरे विनती सुनो अब मेरी

संवारे का एहसान हमेशा दिल में जिन्दा रहेगा

तेरे दर सा प्यार कही न मुझ्को और मिलेगा

बुल से भी कोई बुल हुई हो तो बाबा तू उसे बुला देना

इक वारी गले से लगा लेना

अर्जी सुनो अब मेरी

ओ बाबा मेरे विनती सुनो अब मेरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।