बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा सांवरिया सरकार खाटू नगरी में,

सज धज बनडो सो लागे है म्हारे लख दातार खाटू नगरी में

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा लखदातार

खूब गजब शिंगार हुए है खाटू वाले श्याम को,

रंग बिरंगा फुला मेहके इतर ऋ बोछार खाटू नगरी में

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा लखदातार

अरे घुंगर आला बाल है जाप मोर मुकट की शोबा जी

माथे पे केसर को टीको मार रहियो लिशकार खाटू नगरी में,

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा लखदातार

पेर घुमेर है पेहरे बाबा सतरंगी म्हारा रंग रसिया

श्याम धनी हॉवे शुशोबित गल मोतियन हार खाटू नगरी में

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा लखदातार

इतनो सोनो लगे कदे न जितनो लगता आज जी

धन्य भयो कुंदन अकेला कर पावन दीदार खाटू नगरी में

बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा लखदातार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।