कृष्ण नाम की रंगी चुनरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण नाम की रंगी चुनरिया

अब रंग दूज भाये ना

बोझा भारी रैन आहारी

जाउ कहा मैं कृष्ण मुरारी,

हठ पकड़ी है मेरे दिल ने,

और के द्वारे जाए ना

कृष्ण नाम की

लोक लाज मैं तजजी सावरिया

बन बन डोलू बन के बावरिया।।

लोक की लाज और परलोक की

सब तजके ग्रीह काज भजूंगी।

चाहे कलंक लगेरी मोहे सजनी

मैंतो प्रियतम प्यारे के संग रहूंगी,

लोक लाज मैं तजी सावरिया

बन बन डोलू बनके बावरिया।

गिरधर मेरे तेरी दासी,

कही चैन अब पाये ना,

कृष्ण नाम की॥

रंग तुम्हारा चढ़ गया मोहन

बन गयी मैतो तेरी जोगन

(प्यासा) की अंखिया रास्ता निहारे

क्यु तू दर्स दिखाए ना।

कृष्ण नाम की रंगी चुनरिया

हेमकांत झा प्यासा।

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।