तुझे श्याम कहूँ या गोपाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुझे श्याम कहूँ या गोपाला,

नटखट जसुमति का लाला,

हे नटवर नागर नन्दा,

सब से तेरा रूप निराला,

तुझे श्याम कहूं या गोपाला,

तेरे नाम हजारों स्वामी,

किस नाम से तुझे पुकारूं,

अपना जीवन तन मन धन,

सब तेरे चरणों में वारूँ,

तुम हो प्रभु अन्तरयामी,

कण कण में तेरा बसेरा,

हे नटवर नागर नन्दा,

सब से तेरा रूप निराला,

तुझे श्याम कहूं या गोपाला

तेरी महिमा सब जग गाये,

हे मोहन मदन मुरारी,

एक पल में क्या कर डाले,

तेरी लीला अजब निराली,

तू रंक को दे राजधानी,

ऐसा है दीन दयाला,

हे नटवर नागर नन्दा,

सब से तेरा रूप निराला,

तुझे श्याम कहूं या गोपाला

हे मुरलीधर मतवाले,

भक्तों के तुम रखवाले,

जो तेरा नाम पुकारे,

तूने उसके संकट टाले,

सारी दुनियाँ जपती है,

प्रभू तेरे नाम की माला,

हे नटवर नागर नन्दा,

सब से तेरा रूप निराला,

तुझे श्याम कहूं या गोपाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।