पधारो मारा भैरो जी

पारंपरिक
महादेव भजन जैन भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रूम झूम करता पधारो मारा भैरो जी

थारा बालुडा जोवे है थारी बाट,

पधारो मारा भैरो जी

मेवानगर दादा आप बिराजो,

थोरी महिमा अपरम पार,

पधारो मारा भैरो जी...

हाथ में त्रिशूल थोरे खप्पर शोभे

थोड़ा डम डम डमरू आवाज,

पधारो मारा भैरो जी...

मेवा मिठाई थोरे तेल चढ़े है,

ते तो भक्तो री पूरो सब आस,

पधारो मारा भैरो जी...

मारवाड़ ध्यावे थाने गोडवाड़ ध्यावे

थांट ध्यावे है आखो मेवाड़,

पधारो मारा भैरो जी...

नाकोड़ा दरबार दादा थोरे चरने आयो हो

दादा माथा ऊपर राखजो हाथ,

पधारो मारा भैरो जी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।