मरघट वाले बाबा का नाम जुबां पर आता है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मरघट वाले बाबा का नाम जुबां पर आता है

जन्म सफल हो जाता है जो बाबा के दर आता है

मरघट वाले बाबा की जय जय बोलो

नाम बाबा का है दुःख बंजन

संकट मोचन कष्ट निकंदन

काटे पल में सब के बंधन

इसके द्वारे जो भी आकर अपना शीश जुकाता है

मुह माँगा फल पाता है झोलियाँ भर के जाता है,

मरघट वाले बाबा का नाम जुबां पर आता है

आते लाखो रोज सवाली महिमा इसकी सब से निराले

आते लाखो रोज सवाली

हाथ में लेकर पूजा की थाली

सब को दोनों हाथो से बाबा खुशिया रोज लुटाता है

मुह माँगा फल पाता है झोलियाँ भर के जाता है,

मरघट वाले बाबा का नाम जुबां पर आता है

कांटो को भी फूल बनाये,

इसकी किरपा जब हो जाए,

सोई किस्मत को चमकाए,

दीन दुखी मजबूर/ संजय जो इसकी शरण में चल के आता है

मुह माँगा फल पाता है झोलियाँ भर के जाता है,

मरघट वाले बाबा का नाम जुबां पर आता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।