राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,

मैया करादे मेरो ब्याह,

उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है ,

कैसे करा दु तेरो ब्याह,

जो नही ब्याह करे तेरी गैया नही चराऊ॥

आज के बाद मेरी मैया तेरी देहली पर ना आऊ,

आऐगा, रे मजा, रे मजा, अब जीत हार का,

राधिका गोरी ......

चंदन की चौकी पर मैया तुज को बिठाऊँ,

अपनी राधा से मै चरण तेरे दबावू,

भोजन मै बनवाऊँगा, बनवाऊँगा छप्पन प्रकार के,

राधिका गोरी ......

छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोल्ले गी,

तेरे सामने मियाँ वो गुंगत नही खोले गी,

दाऊ से जा कहो बेठे गे जाके दवार पे

राधिका गोरी ......

सुन बातें कान्हा की मैया बैठी मुस्काए,

यह के मियाँ मियाँ हिवडे से अपने लगये

नजर कहि लग जाए, ना लग जाए, न मेरे लाल को,

राधिका गोरी ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।