शनी देव सहारा है

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

शनी देव सहारा है हम सब ने पुकारा है,

शिगनापुर में बैठे हो लगे जान से प्यारा है,

शनी देव सहारा है हम सब ने पुकारा है,

दुःख अपने सुनाऊ मैं वो सब की सुनता है,

शनी देव को अपने केहने को सब मन की

भगतो ने पुकारा है दिलदार हमारा है,

शिगनापुर में बैठे हो लगे जान से प्यारा है,

मेरे दुःख के दिनों में बाबा घर अपने बुलाते हो

केहने की जरूरत क्या कब पार लगाते हो,

सब देख समज लेता आँखों में यो धारा है,

शिगनापुर में बैठे हो लगे जान से प्यारा है,

मैंने जब भी पुकारा है तूने दिया सहारा है

जीने का मतलब तो शनि देव सहारा है

अब चेहल दीवाने को बस तेरा सहारा है

शिगनापुर में बैठे हो लगे जान से प्यारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।