साचा है दरबार वैष्णो रानी का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

गुण गावे संसार वैष्णो रानी का

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

जगदम्बे माँ आद भवानी गुफा में बैठी पिंडी रानी,

सुंदर हुआ शिंगार वैष्णो रानी का

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

जो भी माँ के दर पर आये मुह मांगी मुरादे पाए

मिलता सब को प्यार वैष्णो रानी का

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

शेरावाली मैया भोली भगतो की भरती है झोली

सब पे है उपकार वैष्णो रानी का

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

जग मग ज्योति का नजारा अमृत बेहती जल की धारा,

करलो सब दीदार वैष्णो रानी का

साचा है दरबार वैष्णो रानी का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।