चालो आपा चाला चूरू धाम जी जठे अटकियोडा

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - मेहंदी राचन लागी हाथा में....

आओ आपा मिलकर चाला , जठे चुरू धाम जी

जठे अटकियोडा बण जासी , थारा सगळा काम जी

लागी लागी रे लगन , बाबोसा रे नाम री

दुनिया हुई है दीवानी , ईण चुरू धाम री

मूरत सुहानी थारी , प्यारो प्यारो मुखड़ो

चम चम चमके जंय्या , चाँद रो टुकड़ो

बरसे नैना सु अमीरस , देखो अविराम जी

दुनिया हुई है दीवानी , ईण चुरू धाम री

आओ आपा मिलकर चाला...

बाबोसा ने देख भगता , होया है निहाल जी

जादू सो कर गयो , माँ छगनी रो लाल जी

संकट सारा ही हर लेवे बाबोसा रो नाम जी

दुनिया हुई है दीवानी , ईण चुरू धाम री

आओ आपा मिलकर चाला...

चूरू में बणियो थारो , धाम ओ न्यारो

केवे मंजू बाईसा ओ , लागे घणो प्यारो

दिलबर केवे भक्ता चालो , चाला चुरू धाम जी

वठे अटकियोडा बण जासी , थारा सगळा काम जी

लागी लागी रे लगन , बाबोसा रे नाम री

दुनिया हुई है दीवानी , ईण चुरू धाम री

।।।।

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीपसिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।