बाबा भोग लगा ले थाली झटक झटक

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भरके चूरमे की थाली उपर काजू किशमिश डाली

लेके श्याम प्रबु का नाम मैं तो जाऊ खाटू धाम

ठाके चूरमे की थाली चालु मटक मटक

बाबा भोग लगा ले थाली झटक झटक

हो मंदिर बाबा का है आया मेरे दिल न न्यू भाया,

लोग लुगाई सारे नाचे कईया रंग गुलाल उड़ाया

देखाया संवारा दिल रोया भटक भटक

ठाके चूरमे की थाली चालु मटक मटक

बाबा की थाड़ी शान देख के होगी मैं हैरान

देख नजारा खाटू का मेरा दिल होया बेईमान

नशा श्याम नाम का चड़ा हो गई मस्त मस्त

ठाके चूरमे की थाली चालु मटक मटक

मोना ने चडगी नाम खुमारी बस तेरी ही महिमा गा रही

दीवानी तेरी ओ बाबा जय कारा तेरा से ला रही

प्रिंस लावे ठुमके दर पे सटक मटक

बाबा भोग लगा ले थाली झटक झटक

ठाके चूरमे की थाली चालु मटक मटक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।