मेरी माँ ने बनाया कान्हा चूरमा तने खाना पड़ेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देख मेरा परशाद कान्हा खा के लाया देसी घी का चूरमा बना के

मेरा बापू लडेगा मेरी माँ ने बनाया कान्हा चूरमा तने खाना पड़ेगा

खाई तने माखन की मटकी बथेरी

देसी खाना खावेगा ईशा से मेरी

तेरी बंसी की धुनया बजा के घी लाना पड़ेगा

मेरी माँ ने बनाया कान्हा चूरमा तने खाना पड़ेगा

घरदेया ने भेजा से बड़ा समजा के मानुगा कान्हा तने चूरमा खवा के,

बैठा चरना में ध्यान लगा के तने आना पड़ेगा

मेरी माँ ने बनाया कान्हा चूरमा तने खाना पड़ेगा

तने तेरा कहे से तेरा भगत पुराना

राजू पंजाबी ने तेरा है गुण गाना

भगता के घर अज कान्हा तने आना पड़ेगा

मेरी माँ ने बनाया कान्हा चूरमा तने खाना पड़ेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।