नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग में

झूमो नाचो ख़ुशी मनाओ सांवरिया के संग में,

जय श्री राधे श्याम जय श्री राधे श्याम

काहे की चिंता करनी अब कोरोना के डर से

सब को खुशिया मिल जायेगी ठाकुर जी के दर से

दो हजार इकीस मनाओ सांवरिया के संग में

नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग में

किसमत वाले है वो जिनको सांवरिया का साथ मिला

वृंदावन को खूब सजाओ गिरधारी सा यार मिला,

माखन मिश्री भोग लगाओ सांवरिया के संग में

नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग में

नए साल में वृन्दावन का देखो अजब नजारा

राधे राधे गूंजे ब्रिज में दर्शन प्यारा प्यारा

नागर मंगल गीत सुनाओ सांवरिया के संग में,

नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।