गली गली जाता जाये मैया का फ़कीर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया..... ओ मेरी माँ

गली गली जाता जाये मैया का फ़कीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ..............

सारे खुशहाल होवे किसी को ना दुःख होवे

किसी को भी किसी से ना मांगने की भूख होवे

कोई ना बीमारी होवे स्वस्थ रहें शरीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ............

कोई भी बाँझ होवे गोद हरी भरी होवे

सब पे माँ भंवरो वाली दया तेरी बड़ी होवे

तेरे हाथों में मैया सबकी तक़दीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ............

जहाँ भी मैं देखूं दाती तेरा दीदार होवे

हर तरफ माँ भवरो वाली तेरी जय जैकार होवे

घर घर लगी रहे तेरी तस्वीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ............

अच्छी औलाद होवे घर सारे सुखी होवे

माता पिता ना मैया बच्चो से दुखी होवे

मिल जल कर रहें सभी हरो सबकी पीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ............

तेरा दरबार होवे सच्ची सर्कार होवे

दर पे माँ सवालियों की लगी कतार होवे

चंचल के दिल में सदा तेरी तस्वीर

माओं के बेटे जीवे बहनो के वीर

गली गली जाता जाए ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।