जल जाए जिहवा पापिनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लूट सके तो लूट ले, राम नाम नित लूट,

अंत कल पछताओगे, जब प्राण जाएँगे छूट l

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

राम के बिना घन,श्याम के बिना l

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

पंछी पंख बिन, हस्ति दंत बिन, धेनू शीर बिना,

विप्र ज्ञान बिन, क्षत्रिय आन बिन, घर संतान बिना l

भजन बिना नर ऐसा जैसे ll, अश्व लगाम बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

बिच्छू डंक बिन, मठ महंत बिन, ऋतु बसंत बिना,

देह प्राण बिन, भोजन मान बिन, प्रीत अनंत बिना l

मोर का जैसे वृथा नाचना ll, प्रिय घनश्याम बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

योगी ध्यान बिन, भोगी काम बिन, गायक राग बिना,

राजा रूप बिन, दिवस धूप बिन, खेत किसान बिना l

पिता हीन वोह पुत्र लगेवे ll, हरि के नाम बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

भात दाल बिन, डाल पात बिन, पर्वत वृक्ष बिना,

दीप तेल बिन, मित्र मेल बिन, मंदिर कक्ष बिना l

व्यर्थ भ्रमण भाषण नहीं अच्छा ll, सच्चे काम बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

प्रिया कंत बिन, राही पंथ बिन, आरती शंख बिना,

गणित अंक बिन, कमल पंक बिन, निशा मयंक बिना l

विरथा जन्म गँवाए प्राणी ll, सियावर राम बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

पुष्प बाग बिन, संत त्याग बिन, कुटिया संत बिना,

शीश नमन बिन, नयन दरस बिन, वेद मंत्र बिना l

संत कहे ये जग है सूना* ll, आत्म ज्ञान बिना,,,

जल जाए जिहवा पापिनी, राम के बिना ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।