तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

बाकी सब कुछ बाबा तुझपर छोड़ दिया है

क्या देना है क्या न देना तू जाने

मैंने इसकी चिंता से मुह मोड़ लिया है

तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

तुझपे भरोसा है किया तेरा ही सहारा है

आंधी समय की लाख चले आधार तुम्हारा है

मैंने सुना संवारे तू हारे का सहारा है

तेरी शरण में जो रहे वो कभी न हारा है

हार जीत का फंदा मैंने तोड़ दिया है

बाकि सब कुछ बाबा तुझपर छोड़ दिया है

तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

तेरी दया की दोलत है हीरे और मोती

देखू तुझे तो देदी है तुमे आँखों की ज्योति

मुझको नही ये ज्ञान तूने क्या मुझ में देखा

प्रेमी बनू तेरा तूने खीची हो रेखा

लालच की हांडी को मैंने फोड़ दिया है

बाकि सब कुछ बाबा तुझपर छोड़ दिया है

तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

होता वही जो मर्जी तेरी सारे है केहते फिर भी न जाने

क्यों सभी किस खाब में रहते

इतना ही मांगू आप से छुटे न चाकरी

चोकठ पे तेरी निकले मेरी सास आखिरी

चोखानी ने चंचल मन को जिजोड दिया है

बाकि सब कुछ बाबा तुझपर छोड़ दिया है

तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।