मुझे तुम याद आते हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे तुम याद आते हो कन्हियाँ याद आते हो

मेरी नींदे चुराते हो कन्हियाँ याद आते हो

मेरे मन में तुम्ही वस्ते सदा हस्ते हसाते हो

मेरी धडकन में तुम बसते ये धडकन तुम चलाते हो

मेरे सपनो में आते हो कन्हियाँ याद आते हो

करू मैं प्रीत तुम से ही मुझे तुम क्यों सताते हो

तेरे दर्शन का वर्त मेरा तो चेहरा क्यों छुपाते हो

मुझे अपना बना के भी संवारे भूल जाते हो

मुझे तुम याद आते हो कन्हिया याद आते हो

मेरी शरदा तुम्ही में है तुम्ही तो हो मेरे भगवन

ना जग में कोई दूजा है दिखे जिस में ये अपना पन

अमित इक साथ तेरा ही मुझे तुम क्यों सताते हो

मुझे तुम याद आते हो कन्हिया याद आते हो

मेरे मन में है चंचल सा उसे सीधा चलाते हो

मैं भूलो में रहा डूबा मुझे तुम ही बचाते हो

मेरे तुम ही सहारे हो कन्हिया याद आते हो

मुझे तुम याद आते हो कन्हिया याद आते हो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।