ना ज्यादा ना कम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना ज्यादा ना कम थोड़ा रोजगार दे दे नै,

कुणबे का गुजारा होजा इसा जुगाड़ करदे नै

तेरे खजाने मैं धन माया की ना थोड़ सै,

मांगू ना मैं भोत घणा थोड़ी सी लोड सै,

इक छोटा सा श्याम धणी व्यापार देदे नै,

कुणबें का गुजारा होजा....

अरबो खरबो मांगणिये मैं नाम नहीं सै मेरा,

आये गए का मान रखूं बस इतना माल भतेरा,

दे मोर छड़ी का झाड़ा चमत्कार करदे नै,

कुणबें का गुजारा होजा...

उसकी हार कदे ना होती जो इसका हो जावेै,

के बामण के बाणिया दर पै सारे शीश झुकावै,

राही कहै रजनीश की नईया पार करदे नै,

कुणबें का गुजारा होजा..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।